गुरुवार, 14 अप्रैल 2011

हर घर की बीमारी

आज के ज़माने में कोई भी घर ऐसा नहीं है जिसमें कभी भी कोई कहा सूनी न हुई हो। यह स्वाभाविक भी है और जरूरी भी। ऐसा होने के कारण ही हम एक दूसरे के साथ जिन्दगी की असलियत को निभाना सीखते हैं। इसीसे हम जीवन के मूल्यों को समझते हैं। विभिन्न प्रकार की कठिनाइयों का सामना करने की शक्ति व ऊर्जा का संचार होता है और जीवन में आने वाली हर कठिनाई से पर पाना सरल हो जाता है। लेकिन यह यहीं तक सीमित रहे तो ठीक है । इससे आगे बढ़ जाना शुभ संकेत नहीं होता क्योंकि इससे मनमुटाव बढ़ जाता है और सदा के लिए अलगाव आ जाता है। ऐसा होना नहीं चाहिए क्योंकि इससे सामाजिक ताना बाना तहस नहस होने लगता है और पारस्परिक सदभाव संशय में बदलकर समाज के लिए घटक बन जाता है ।

1 टिप्पणी:

  1. शुभागमन...!
    कामना है कि आप ब्लागलेखन के इस क्षेत्र में अधिकतम उंचाईयां हासिल कर सकें । अपने इस प्रयास में सफलता के लिये आप हिन्दी के दूसरे ब्लाग्स भी देखें और अच्छा लगने पर उन्हें फालो भी करें । आप जितने अधिक ब्लाग्स को फालो करेंगे आपके ब्लाग्स पर भी फालोअर्स की संख्या उसी अनुपात में बढ सकेगी । प्राथमिक तौर पर मैं आपको 'नजरिया' ब्लाग की लिंक नीचे दे रहा हूँ, किसी भी नये हिन्दीभाषी ब्लागर्स के लिये इस ब्लाग पर आपको जितनी अधिक व प्रमाणिक जानकारी इसके अब तक के लेखों में एक ही स्थान पर मिल सकती है उतनी अन्यत्र शायद नहीं । प्रमाण के लिये आप नीचे की लिंक पर मौजूद इस ब्लाग के दि. 18-2-2011 को प्रकाशित आलेख "नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव" का माउस क्लिक द्वारा चटका लगाकर अवलोकन अवश्य करें, इसपर अपनी टिप्पणीरुपी राय भी दें और आगे भी स्वयं के ब्लाग के लिये उपयोगी अन्य जानकारियों के लिये इसे फालो भी करें । आपको निश्चय ही अच्छे परिणाम मिलेंगे । पुनः शुभकामनाओं सहित...

    नये ब्लाग लेखकों के लिये उपयोगी सुझाव.

    बचाव : छुपे हुए महारोग- मधुमेह (शुगर / डायबिटिज) से.

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